रामानंद सागर ने सीता के रोल के लिए रखी थी ये शर्त,दीपिका का सेलेक्शन तब हुआ था

आज सुबह नौ बजे जैसे ही रामानंद सागर के 'रामायण' का प्रसारण शुरू हुआ सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। यही नहीं यूजर्स प्रधानमंत्री और दूरदर्शन को धन्यवाद कह रहे हैं। 80 के दशक में जब 'रामायण' टीवी पर दिखाया जाता था तब लोग सीरियल के अभिनेताओं को असल में भगवान मानने लग गए थे। सीरियल में अरुण गोविल ने राम, दीपिका चिखलिया ने सीता और सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था। हालांकि उनके लिए ये किरदार पाना इतना भी आसान नहीं था। कई दौर के ऑडिशन राउंड से गुजरने पड़े, तब निर्देशक रामानंद सागर ने इन्हें चुना। चलिए आज हम आपको सीता यानी दीपिका चिखलिया के ऑडिशन के बारे में बताते हैं कि आखिर कैसे उनका सेलेक्शन हुआ।'रामायण' के तीनों सितारे हाल ही में कपिल शर्मा के शो में पहुंचे थे। तभी दीपिका ने बताया कि 'उस दौरान मैं उनके (रामानंद सागर) साथ 'विक्रम और बेताल' में व्यस्त थीं। सीरियल की शूटिंग रामानंद सागर के बंगले में होती थी। वहां एक दिन मैंने देखा कि कुछ बच्चे उछल कूद कर रहे हैं। तब मैंने वहां मौजूद दूसरे लोगों से पूछा कि यहां क्या चल रहा है तो बताया गया कि लव-कुश की कास्टिंग हो रही है। मैंने पूछा कि अच्छा राम-सीता की कास्टिंग हो गई है? तो उन्होंने कहा नहीं।'दीपिका के इस सवाल पर रामानंद सागर ने कहा कि 'सीता ऐसी लगनी चाहिए कि स्क्रीन पर आए तो इंट्रोड्यूस ना करना पड़े। दर्शकों को ये बताना ना पड़े कि दो तीन लड़कियां चल रही हैं तो उनमें सीता कौन है। इस तरह चार-पांच स्क्रीन टेस्ट के बाद मेरा सेलेक्शन हुआ।' कई राउंड के ऑडिशन के बाद दीपिका चुनी गईं और आज भी जब सीता का नाम आता है तो जेहन में उनका ही चेहरा उभरता है।